Category Archive for : ‘election campaign company’

13

May

मोदी की अग्नि परीक्षा

कोरोना वायरस का संक्रमण दुनिया के किसी भी राजनेता का आने वाला भविष्य तय करेगा। और मोदी इसमें कोई अपवाद नहीं है।इस महाआपदा से निपटने के लिए  किस नेता ने क्या किया, ये इतिहास के पन्नो  में ज़रूर दर्ज होगा। कोरोना संकट के 12 मई को पांचवी बार देश को सम्बोधित किया देश को आत्मनिर्भर बनाने के अभियान की घोषणा की। इसके लिए 20 लाख करोड़ रु का आर्थिक पैकेज घोषित किया। यह देश के जीडीपी का करीब 10% है। जीडीपी के अनुपात के लिहाज से यह दुनिया का 5वां

10

May

कोरोना से लड़ाई में भी घुसा राजनीति का “वायरस”

कोरोना से लड़ाई तो पूरा देश लड़ रहा है, सरकार भी लड़ रही है। लेकिन अब इस लड़ाई के साथ एक और लड़ाई भी शुरु हो गई है। केंद्र और राज्य की सरकारों की लड़ाई। सारे नेता और पार्टियां कह रही हैं कि कोरोना पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। लेकिन अब इस पर जमके राजनीति हो रही है। लॉकडाउन की घोषणा या मियाद बढ़ाने की बात पर राहुल गाँधी ने लॉकडाउन को पॉज बटन के तौर पर समझाते हुए  कहा  कि भारत में कोरोना को लेकर टेस्टिंग कम हो रही

08

May

जाति आधारित जनगणना के सियासी मकसद

भारत में जनगणना एक पुरानी सरकारी कवायद है। देश में साल 2011 में आखिरी जनगणना हुई थी ।उस समय भी जाति आधारित जनगणना को लेकर काफी बहस हुई थी।अब देश में फिर से 2021 में होने वाली जनगणना के साथ-साथ जातिगत जनगणना की मांग भी तेज हो गई है। सियासी पार्टियां जातिगत जनगणना के आधार पर राजनीतिक समीकरण सेट करने में जुट गई हैं।महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने जनवरी में विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर जातिगत आधारित जनगणना प्रस्ताव पेश किया था, जिसे ध्वनि मत से पारित कर दिया

06

May

कोविड-19 का भारतीय राजनीती पर प्रभाव

भारत में कोरोना वायरस का प्रकोप बढ़ता जा रहा है. केंद्र और राज्य सरकारें इससे निपटने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रही हैं.वजह से आर्थिक गतिविधियां ठप पड़ गई हैं.हर क्षेत्र पर इसका प्रभाव पड़ रहा आने वाले समय में भारतीय राजनीती पर भी इसका रभाव पड़ना तय है
ऐसे में यह समझना होगा कि कोरोना वायरस की वजह से भारत की राजनीति किस-किस तरह से प्रभावित हो सकती है.
अर्थव्यवस्था
भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा है कि कोविड-19 संक्रमण भारत के भविष्य पर किसी बुरे साए की भांति झूल रहा

05

May

Will Coronavirus Influence on Bihar Meeting Election

Covid-19 has solid a shadow on the Bihar meeting elections, though the 12 months finish schedule for holding the polls remains to be someday away. Political events which had started marketing campaign initiatives and mass contact programmes have been pressured to halt them following the lockdown to forestall the pandemic. The tenure of the present meeting will finish on November 29. Political events face a distinct form of problem of their preparation for the meeting polls.
Whereas Opposition events have prolonged their help within the combat in opposition to the epidemic,

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